चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को लेकर कानपुर में अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को लेकर कानपुर में अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

कानपुर, 27 अक्टूबर।) बंगाल की खाड़ी में उठ रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए कानपुर जिला प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 से 31 अक्टूबर के बीच जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। इसके दृष्टिगत आमजन, किसानों, पशुपालकों एवं शिक्षण संस्थानों के लिए आवश्यक सावधानियां जारी की गई हैं।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि संभावित प्रतिकूल मौसम के दौरान जनहानि एवं संपत्ति की क्षति रोकने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने, राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।एडवाइजरी के अनुसार तेज हवा, बारिश और गरज-चमक के दौरान लोग सुरक्षित पक्के भवनों में रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों, जर्जर दीवारों, पुराने भवनों, होर्डिंग और लटकते बिजली के तारों से दूर रहें। वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और ऊंचे एवं एकाकी पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली चमकने के दौरान छत, बालकनी और खुले स्थानों पर जाने से बचें।

तेज हवाओं में छतों और बालकनी में रखी हल्की वस्तुओं को सुरक्षित कर लें। जलभराव वाले रास्तों, नालों और तेज बहाव वाले स्थानों से गुजरने का जोखिम न उठाएं। मोबाइल फोन चार्ज रखें तथा टॉर्च, आवश्यक दवाएं, पेयजल और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध रखें। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार फसलों की कटाई, मड़ाई और भंडारण की योजना बनाएं। खुले स्थानों पर रखी कृषि उपज, भूसा, खाद और उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। काटकर रखी गई फसलों एवं अनाज को तिरपाल से ढककर मजबूती से बांधें। प्रतिकूल मौसम के दौरान खेतों में कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव न करें।

पशुपालक पशुओं को पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों अथवा कमजोर छप्परों में न बांधें। उन्हें सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखें तथा चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करें। तेज हवा और वज्रपात के दौरान पशुओं को चराने के लिए बाहर न ले जाएं। फसल अथवा पशुधन की क्षति होने पर संबंधित विभाग या तहसील प्रशासन को तत्काल सूचना दें।अपर जिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जर्जर भवनों, कमजोर दीवारों और असुरक्षित संरचनाओं की पहचान कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में समय से चेतावनी पहुंचाने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था रखने को कहा गया है।

आपदा मित्रों, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट गाइड, युवक मंगल दल, होमगार्ड तथा प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा भवनों एवं बिजली के उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि जनपद प्रशासन संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। मौसम संबंधी सूचनाओं के लिए केवल अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन डायल-112 अथवा स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचना दें। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें, परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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