
यरुशलम, 31 अक्टूबर। इजराइल के निवर्तमान विपक्षी नेता और ब’याचद पार्टी के दूसरे नंबर के नेता यायर लैपिड ने शुक्रवार को दावा किया कि मंगलवार को हुए आम चुनाव में नेतन्याहू विरोधी गठबंधन ने ‘अंकों के आधार पर जीत’ हासिल की है और अगली सरकार बनाने के लिए गठबंधन की कोशिशों के बीच जनता को धैर्य दिखाना चाहिए।
श्री लैपिड ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “मंगलवार रात 22:00 बजे हम सभी स्क्रीन पर एक संख्या का इंतजार कर रहे थे। ’61’ लेकिन यह संख्या सामने नहीं आई। न हमारे लिए और न ही उनके लिए।” वह 120 सदस्यीय इजराइली संसद (नेसेट) में स्पष्ट बहुमत के लिए जरूरी सीटों का जिक्र कर रहे थे।
नेतन्याहू विरोधी खेमे को कुल 67 सीटें मिली हैं। चार यहूदी नेतृत्व वाली पार्टियों में से तीन- याशर, ब’याचद और यिसरेल बेतेनु ने मुख्य रूप से अरब समर्थित ज्वाइंट लिस्ट और राम के साथ गठबंधन सरकार में शामिल होने से इनकार किया है। यहूदी नेतृत्व वाली नेतन्याहू विरोधी पार्टियों को 48 सीटें मिलीं, जबकि दोनों अरब नेतृत्व वाली पार्टियों ने कुल 19 सीटें जीतीं। यह इन पार्टियों का अब तक का सर्वाधिक प्रदर्शन है और निवर्तमान नेसेट में मिली 10 सीटों से लगभग दोगुना है।श्री नेतन्याहू के खेमे को 53 सीटें मिली हैं। उनकी लिकुड पार्टी 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उनके पास भी 61 सीटों का बहुमत हासिल करने का स्पष्ट रास्ता नहीं है।
श्री लैपिड ने स्वीकार किया कि श्री नेतन्याहू के विरोधी स्पष्ट और तत्काल जीत चाहते थे, “ऐसी जीत जिसके बाद आप निश्चिंत होकर सो सकें। लेकिन हमें वैसी जीत नहीं मिली।”उन्होंने कहा कि विपक्षी खेमे ने कई मायनों में जीत हासिल की है। श्री लैपिड ने लिखा, “श्री नेतन्याहू को 53 सीटें मिलीं। यह बड़ी गिरावट है। और इस कम संख्या में भी 13 सीटें उन पार्टियों की हैं जो खुद को गैर-यहूदी राष्ट्रवादी मानती हैं।” उनका इशारा अति-रूढ़िवादी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म और शास पार्टियों की ओर था, जिन्हें क्रमशः सात और छह सीटें मिली हैं।
श्री लैपिड ने कहा, “उनके पास अब 40 सीटें बची हैं। यही उनकी ताकत है। वह चाहे जो भी करें, उनके पास सरकार बनाने का कोई रास्ता नहीं है।” निवर्तमान कनेसेट में मौजूदा सरकार का समर्थन करने वाले श्री नेतन्याहू के खेमे के पास 68 सीटें थीं, लिहाजा मौजूदा नतीजे उसकी सीटों में उल्लेखनीय गिरावट दर्शाते हैं।उन्होंने कहा, “इसलिए हम जीते। यह एकतरफा जीत नहीं थी, बल्कि अंकों के आधार पर जीत थी। लेकिन अंक भी मायने रखते हैं। जीत तो जीत होती है।”
निवर्तमान विपक्षी नेता ने कहा कि याशर के अध्यक्ष गादी आइजेनकोट के नेतृत्व में उनका खेमा सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगा। हालांकि, उन्होंने इसे “मुश्किल” बताते हुए कहा कि इसमें सफलता की गारंटी नहीं है।श्री लैपिड ने कहा, “इसलिए मुझे आपसे एक ऐसी चीज मांगनी है, जिसे इजराइलियों से मांगना मुश्किल है- धैर्य। सरकार बनाना चुनाव प्रचार की प्रक्रिया के बिल्कुल उलट है। यह छोटे कमरों में, धीरे-धीरे और कैमरों से दूर होता है।”
उन्होंने कहा कि लोग अनिश्चितता पसंद नहीं करते, लेकिन उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि एक महीने बाद यह पता चलना कितना निराशाजनक होगा कि किसी सुर्खी या खबर लीक होने के कारण गठबंधन बनाने की कोशिशें समझदारी, गोपनीयता और सटीकता से नहीं की गईं। उन्होंने कहा, “अगर आप जानना चाहते हैं कि इस समय सुनाई दे रही खामोशी के पीछे कुछ हो रहा है या नहीं, तो जवाब है- हां।”अगली सरकार बनाने की कोशिशों के बीच 10 नवंबर को नेसेट के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण होना निर्धारित है। सरकार गठन की प्रक्रिया में मुश्किलें आने की आशंका है और इसमें दो महीने से अधिक समय भी लग सकता है।
इस बीच, कथित ‘चेंज ब्लॉक’ की ओर से यहूदी-अरब गठबंधन सरकार बनाने के समर्थन में शनिवार रात देशभर में कई प्रदर्शन होने की संभावना है।’स्टैंडिंग टुगेदर’ समूह के आयोजकों ने बताया कि शाम 7:30 बजे तेल अवीव के हबीमा स्क्वायर, यरुशलम के पेरिस स्क्वायर के अलावा बेर्शेबा, हाइफा और तैयबे में रैलियां आयोजित की जाएंगी। इन प्रदर्शनों में मंगलवार के चुनाव के बाद यहूदी-अरब गठबंधन सरकार बनाने की मांग की जाएगी।